Maharajganj

नेपाल बॉर्डर पर 70 बोरी भारतीय यूरिया खाद पकड़ी गई, सवालों के घेरे में कृषि विभाग की निगरानी

 

महराजगंज टाइम्स ब्यूरो:- भारत-नेपाल सीमा पर एक बार फिर भारतीय यूरिया खाद की संदिग्ध ढुलाई पकड़े जाने से कृषि विभाग की निगरानी और खाद वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नौतनवा पुलिस और एसएसबी ने संयुक्त कार्रवाई में एक पिकअप से 70 बोरी भारतीय यूरिया खाद बरामद करते हुए चालक को गिरफ्तार किया है। मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।।पुलिस के अनुसार, एसएसबी 66वीं वाहिनी से सूचना मिलने पर नौतनवा पुलिस पैसिया बाबू पावर हाउस पहुंची। इसके बाद जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह को मौके पर बुलाया गया। जांच के दौरान यूपी53जेटी 5120 नंबर की पिकअप से 70 बोरी भारतीय यूरिया खाद बरामद हुई। चालक की पहचान गोरखपुर निवासी मंटू उपाध्याय के रूप में हुई। यह कार्रवाई कई सवाल छोड़ गई है। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी सब्सिडी वाली भारतीय यूरिया खाद सीमा क्षेत्र तक कैसे पहुंच गई? यदि खाद की निगरानी और वितरण व्यवस्था प्रभावी होती तो इतनी बड़ी खेप सीमा तक पहुंचने की नौबत क्यों आती? कृषि विभाग की नियमित जांच और मॉनिटरिंग पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि जिला कृषि अधिकारी को मौके पर बुलाकर कार्रवाई कराई गई, लेकिन यह भी जांच का विषय है कि खाद की खरीद, परिवहन और वितरण की निगरानी में कहीं विभागीय लापरवाही तो नहीं हुई। सीमा क्षेत्र में पहले भी खाद तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं, जिसके बावजूद ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति विभागीय व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है। फिलहाल पुलिस ने खाद और पिकअप वाहन को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। वहीं, पूरे मामले में कृषि विभाग की भूमिका और खाद के स्रोत की जांच भी अहम मानी जा रही है।

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