Maharajganj

महराजगंज के गांव से राष्ट्रपति भवन तक पहुंची डॉ. अब्दुल क़य्यूम की कहानी

 

सोहरौना राजा से IIT कानपुर, JNU और भारतीय वन सेवा तक का सफर

अब औषधीय पौधों के क्षेत्र में निभा रहे अहम जिम्मेदारी

महराजगंज टाइम्स ब्यूरो:- जिले के छोटे से गांव सोहरौना राजा से निकलकर डॉ. अब्दुल क़य्यूम, IFS ने शिक्षा, तकनीक और प्रशासन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। हाल ही में उन्हें राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में भारत की राष्ट्रपति से भेंट और संवाद का अवसर मिला। इस दौरान आयुष क्षेत्र की संभावनाओं, औषधीय पौधों के संरक्षण और राष्ट्रीय स्तर पर Herbal Gardens के विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई। डॉ. क़य्यूम की प्रारंभिक शिक्षा गांव से हुई। इसके बाद उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय, गोरखपुर से पढ़ाई की। उन्होंने IIT कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में B.Tech और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से Bioinformatics में Ph.D. की। भारतीय वन सेवा में आने के बाद उन्होंने तकनीक को वन प्रबंधन से जोड़ने की दिशा में काम किया। अरुणाचल प्रदेश में उन्होंने Remote Sensing, GIS, मोबाइल तकनीक और डेटा आधारित मॉडलिंग के जरिए eForestFire पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पहल का उद्देश्य जंगलों में आग की संभावित घटनाओं की पहचान और समय रहते प्रशासनिक तैयारी को मजबूत करना था। वर्तमान में डॉ. क़य्यूम आयुष मंत्रालय के National Medicinal Plants Board (NMPB) में Director (Technical) एवं Deputy CEO के रूप में कार्यरत हैं। उनका काम औषधीय पौधों के संरक्षण, खेती और इससे जुड़े ग्रामीण अवसरों को बढ़ावा देने से जुड़ा है। राष्ट्रपति भवन में हुई मुलाकात के दौरान केंद्रीय आयुष मंत्री प्रताप राव जाधव और NMPB के CEO प्रो. (डॉ.) महेश कुमार दाधीच भी मौजूद रहे। सोहरौना राजा से राष्ट्रपति भवन तक का यह सफर जिले के युवाओं के लिए शिक्षा, मेहनत और अवसर की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आया है।

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